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घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा के बारे में

घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा क्या होती है? घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा की समझ होने से आपको प्रतिक्रिया में सहायता मिलती है।

घरेलू और पारिवारिक हिंसा: अपना ध्यान रखने की योजना कैसे बनाएं

1800RESPECT
21 AUG 2014

घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा

घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा अन्तरंग रिश्तों या अन्य प्रकार के पारिवारिक रिश्तों में दुर्व्यवहारपूर्ण बर्ताव का एक पैटर्न होता है जहाँ एक व्यक्ति सोचता है कि वह दूसरे व्यक्ति पर हावी है और स्वयँ को शक्तिशाली समझने वाला व्यक्ति भय उत्पन्न करता है। इसे घरेलू हिंसा, पारिवारिक हिंसा या अन्तरंग साथी हिंसा के रुप में भी जाना जाता है।
इस तरह की हिंसा विभिन्न प्रकार के रिश्तों में हो सकती है, उदाहरणार्थः पति और पत्नि या गर्ल फ्रैंड और बॉय फ्रैंड के बीच; व्यस्कों और बच्चों या व्यस्कों और वृद्ध माता-पिता के बीच; अथवा कुटुम्ब (विस्तारित परिवार) के सदस्यों जैसे चाचियों, मामियों, चाचाओं, मामाओं तथा दादा-दादी, नाना-नानी; अथवा गैर-यौन संबंधों में साथ रहने वाले लोगों के बीच।
इसे अक्सर जबरदस्ती तथा नियंत्रणके एक पैटर्न के रुप में उल्लिखित किया जाता है। कभी-कभी दुर्व्यवहारकर्ताओं को 'हिंसा-कर्ता' कहा जाता है।
हमेशा ऐसा नहीं होता कि किसी रिश्ते के टूट जाने पर घरेलू या पारिवारिक हिंसा समाप्त हो जाती हो, अतः यह पूर्व-साथियों के बीच भी हो सकती है।
दुर्व्यवहारकर्ता अपना दबदबा व नियंत्रण बनाये रखने के लिये कई युक्तियाँ अपनाते हैं जैसे किः

  • शारीरिक दुर्व्यवहार, उदाहरणार्थ गला दबाना, पिटाई करना, धक्का देना तथा हानि पहुँचाने की धमकी देना।

  • यौन हिंसा की कार्यवाहियां, जबरदस्ती यौन संपर्क बनाना या किसी को ऐसी यौन क्रियायें करने के लिये बाध्य करना जो वे करना नहीं चाहते।

  • भावनात्मक दुर्व्यवहार, गाली देना और नीचा दिखाना, असम्मानपूर्ण व्यवहार।

  • सहायताओं, परिवार तथा समाज से अलग-थलग करना, अथवा भयभीत करने के लिये परिवार या समाज का सहारा लेना। इसमें टैक्स्ट मैसेजेस भेजना या फेसबुक पर पोस्ट करना शामिल हो सकता है।

  • इंटरनेट पर, सोशल मिडिया द्वारा, GPS खोजकारी उपकरणों के उपयोग द्वारा पीछा करने सहित, 'हर कदम' का पीछा या निगरानी करना।

  • मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहार, जैसे कि जिस व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है उस पर उस व्यवहार का आरोप लगाना; जिस व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है उसे कहना कि उसे मानसिक स्वास्थ्य समस्यायें या चिन्ताजनित विकार हैं; वास्तविकता में हेरे-फेर करना या जानबूझकर वास्तविकता को तोड़-मरोड़ना; व्यक्तिगत वस्तुओं या फर्नीचर को इधर-उधर करना फिर मना कर देना कि ऐसा किया गया है; तथा इस बात से इन्कार करना कि दुर्व्यवहार हुआ है।

  • वित्तीय दुर्व्यवहार. जैसे कि जीवन-यापन के खर्चे या 'घर चलाने के पैसे' देने से मना करना; किसी को नौकरी करने से रोकना; बाल सहायता व्यवस्था में हेरफेर करना; किसी को ऐसे कानूनी या वित्तीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के लिये धमकाना जिनसे उस व्यक्ति पर ऋण चढ़ता हो; पैसे की मांग करते हुए किसी के सर पर चढ़ जाना (लगातार दबाव डालना)।

  • किसी को अपने धार्मिक विश्वास या श्रद्धा का पालन न करने देना, अथवा उन्हें वो श्रद्धा या धार्मिक विश्वास अपनाने के लिये जबरदस्ती करना जो उनका स्वयँ का नहीं है।

  • बच्चों सहित प्रियजनों को हानि पहुँचाना या हानि पहुँचाने की धमकी देना।

  • पालतू पशुओं को हानि पहुँचाना या हानि पहुँचाने की धमकी देना।

  • कानूनी दुर्व्यवहार, जैसे कि किसी को डराने, थकाने, शोषण या शक्तिहीन करने के लिये परिवार कानून व्यवस्था का अपने हित में उपयोग करना।

दुर्व्यवहारकर्ताओं द्वारा प्रत्येक रिश्ते में नियंत्रण के अनूठे तरीके काम में लिये जा सकते हैं।  कुछ रिश्तों में दवाओं की आपूर्ती को रोककर रखना नियंत्रण का एक पैटर्न होता है। चालाकीपूर्ण व्यवहार, जैसे कि जब कोई रिश्ता समाप्त करना चाहे तो आत्महत्या या स्वघात की धमकी देना भी नियंत्रण के पैटर्न का हिस्सा होता है। एक ऐसी स्थिति में जहाँ एक अक्षम महिला अपनी सहायता या देखभाल पर निर्भर होती है, वहाँ उस देखभाल को बन्द करना या देखभाल में इस तरह चालाकी बरतना जिससे नियंत्रण का एक पैटर्न या नियंत्रण स्थापित हो तो, वह भी शक्ति का अस्वीकार्य उपयोग होता है। शिशुओं को शांत रखने या स्तनपान से रोककर मातृत्व को कमज़ोर करना, एक प्रकार की घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा होती है।

महिलाओं के घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा भुगतने की संभावना ज्यादा होती है।

आकड़े दर्शाते हैं कि अधिकतर पुरुषों द्वारा महिलाओं के विरुद्ध घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा की संभावना ज्यादा होती है।

महिलाओं के कुछ समूहों को घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा भुगतने का खतरा अधिक होता हैः

  • गर्भवती महिलायें।

  • अलग हो चुकीं महिलायें।

  • किसी प्रकार की अक्षमता वाली महिलायें।

  • एबोरीजनल तथा टोरस स्ट्रेट आइलैण्डर महिलायें।

घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा के बारे में कुछ तथ्य

  • महिलाओं के अपने साथियों या पूर्वसाथियों के द्वारा की गई घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा भुगतने की संभावना ज्यादा होती है।

  • दुर्व्यवहारकर्ता मोहक तथा अपने समुदाय में सम्माननीय हो सकते हैं, अथवा स्वयँ को एक पीड़ित के रुप में दर्शा सकते हैं। जो लोग घरेलू या पारिवारिक हिंसा के साथ जीते हैं वे अक्सर कहते हैं कि वे 'डॉक्टर जेकील और श्री हाइड' अथवा एक 'बाहर देवदूत/घर में राक्षस' के साथ रहते हैं।

  • दुर्व्यवहारकर्ता अक्सर अपने दुर्व्यवहार से नकारते हैं अथवा जिस व्यक्ति से वे दुर्व्यवहार करते हैं उस पर आरोप लगा देते हैं। उन्हें लगता है कि वे दुर्व्यवहार करने के अधिकारी हैं और उनके द्वारा ऐसा बर्ताव तर्कसंगत है।

  • घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा के साथ जीने वाले बच्चे यदि इस हिंसा को देखें या सुने नहीं तब भी उन पर इसका प्रभाव पड़ता है। उनके देखभालकर्ताओं द्वारा जीवन में घर पर अनुभव किये जाने वाले भय और व्यवधान के कारण ऐसा होता है। बच्चों के लिये, घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा एक सदमा होता है।

  • समलैंगिक पुरुष व स्त्रियाँ, किन्नर, तथा इन्टरसेक्स व्यक्ति भी हिंसात्मक या दुर्व्यवहारपूर्ण रिश्तों में हो सकते हैं।

घर में अन्य प्रकार की हिंसा

सभी प्रकार की हिंसा अस्वीकार्य होती है। परिवारों और रिश्तेदारियों में घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा के साथ-साथ, अन्य प्रकार की हिंसा भी होती है। ऐसा आवश्यक नहीं होता कि ये शक्ति या नियंत्रण के पैटर्न से जुड़ी हुई हों, लेकिन ये व्यक्तियों के लिये तथा पारिवारिक व सामाजिक एकता के लिये हानिकारक होती हैं।
हिंसा किसी भी तरह के रिश्ते में हो सकती है। इसमें महिलाओं द्वारा पुरुषों के प्रति हिंसा, वृद्धों या अक्षमताओं वाले लोगों को निशाना बनाने वाली हिंसा, तथा किशोरों द्वारा माता-पिता के प्रति हिंसा शामिल है।
घर में अन्य प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार झेलने वाले लोगों को उसी तरह चोटिल, हानिग्रस्त या शर्मसार किया जा सकता है जिस तरह घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा झेलने वालों को किया जाता है।
बच्चों के साथ दुर्व्यवहार भी घर में हिंसा का एक रुप है और इसे कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि आप दुर्व्यवहार झेलने वाले एक छोटी आयु वाले व्यक्ति हैं तो, आप 1800 55 1800 पर बाल सहायता लाइन से संपर्क कर सकते हैं अथवा 000 पर पुलिस को फोन कर सकते हैं। यदि आप तुरंत खतरे में हों तो 000 पर पुलिस को फोन करें।
9Bयदि आप अपनी रिश्तेदारी में या अपने पारिवार के भीतर इन अन्य प्रकार की हिंसाओं में से किसी भी एक प्रकार की हिंसा भुगतते हों तो भी, इस साइट में दी हुई जानकारी मूल्यवान साबित होगी, और यहाँ दी गई सेवाओं की सूची में से बहुत सी सेवायें सहायक होंगी।  1800RESPECT लाइन उन लोगों के लिये सहायता व सूचना प्रदान कर सकती है जो रिश्ते में हो सकने वाले सभी प्रकार के दुर्व्यवहारों में से एक या अधिक अथवा घर पर हिंसा के साथ जी रहे हैं। 1800 737 732 पर फोन करें।

 

तुरंत खतरे के मामले में पुलिस की सहायता के लिये 000 पर फोन करें।

आपातकाल में TTY (टेलिटाइपराइटर) अथवा नेशनल रीले सर्विस काम में लेते हुए फोन करने के लिये Calls to emergency servicesपर जायें।